मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना : आत्मसमर्पित चार नक्सली सहित 283 जोड़े विवाह बंधन में बंधे

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  • संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल ने दिया आशीर्वाद

राजिम{ गहरी खोज }: छत्तीसगढ़ के संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल मंगलवार को गरियाबंद जिले में राजिम के नवीन मेला मैदान (चौबेबांधा) में आयोजित मुख्यमंत्री सामूहिक कन्या विवाह कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने नव विवाहित जोड़ों को विवाह और खुशहाल जीवन की शुभकामना देते हुए आशीर्वाद प्रदान किया। संस्कृति मंत्री ने कहा कि 283 जोड़ों का एक साथ सामूहिक विवाह संपन्न होना बहुत बड़ी बात है। जिसमें राजिम विधानसभा के 94, बिन्द्रनवागढ़ विधानसभा के 181 एवं कुरूद विधानसभा के 8 जोड़े शामिल है। इसमें 4 आत्मसमर्पित नक्सली नवदंपतियाँ भी शामिल है। मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत विभाग द्वारा 50 हजार रूपये का व्यय किया जाता है। जिसमें 35 हजार रूपये वधु के बैंक खाते में हस्तांतरित कर किया जाता है तथा 7 हजार रूपये के श्रृंगार सामग्री एवं व्यवस्था मद में प्रति जोड़े 8 हजार का खर्च किया जाता है। इस दौरान कलेक्टर बीएस उइके, पुलिस अधीक्षक वेदव्रत सिरमौर, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रखर चंद्राकर, जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग अशोक पाण्डेय मौजूद थे।
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री अग्रवाल ने कहा कि आज के समय में बेटी की शादी हर परिवार के लिए एक बड़ा सपना और बड़ी चिंता होती है। राज्य सरकार द्वारा आयोजित सामूहिक कन्या विवाह जरूरतमंद परिवारों के लिए एक बहुत बड़ी राहत है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा दी जा रही 35 हजार रुपये की सहायता राशि से परिवारों को सहारा मिलता है और वे सम्मान के साथ अपनी बेटी का विवाह कर पाते हैं। जब कई बेटियों की शादी एक साथ, पूरे सम्मान और रीति-रिवाजों के साथ होती है, तो यह समाज के लिए गर्व की बात है। अग्रवाल ने जिला प्रशासन और महिला एवं बाल विकास विभाग का धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद देते हुए कहा कि उनका वैवाहिक जीवन सुख, शांति और प्रेम से भरा रहे तथा दोनों परिवारों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं।
मुख्यमंत्री सामूहिक कन्या विवाह योजना की खासियत यह है कि इसमें 04 जोड़े आत्मसमर्पित नक्सली थे। ये विवाह बंधन में बंध रहे थे, पंडित मंत्रोचार कर रहे थे और जैसे ही एक-दुजे के हुए, उसके बाद तो बिना बोले ही छत्तीसगढ़ सरकार की इस योजना की तारिफ कर रहे थे। ये 4 जोडे़ में दिलीप उर्फ संतु – मंजुला उर्फ लखमी, दीपक उर्फ भीमा मंडावी – सूनीता उर्फ जुनकी, कैलाष उर्फ भीमा – रनीता उर्फ पायकी कारम, राजेंद्र उर्फ कोसा मुरिया – जैनी उर्फ देवे मड़कम है। यह सभी कांकेर-सुकमा-बीजापुर जिले से है। इन लोगों ने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि मुख्यधारा में जुड़ने के बाद हमें नया जिंदगी मिला है। जीवनसाथी के साथ आप सब के आषीर्वाद से खुशहाल जिंदगी बसर करेंगे।

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