राज्यपाल का अभिभाषण परंपरा से हटकर जनहित और वास्तिवक होता तो बेहतर : मायावती
लखनऊ{ गहरी खोज }: उत्तर प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र की शुरूआत साेमवार काे राज्यपाल आनंदी बेन पटेल के अभिभाषण से शुरू हुआ। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने राज्यपाल के अभिभाषण पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्हाेंने कहा कि यह भाषण परंपरा से हटकर प्रदेश के विकास व सर्वसमाज के उत्थान सहित व्यापक जनहित में वास्तविक व थोड़ा उत्साही होता तो यह बेहतर होता।
बसपा प्रमुख मायावती ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि, वास्तव में पूरे उत्तर प्रदेश में सर्वसमाज के करोड़ों लोग सरकार की गलत नीतियों व कार्यकलापों आदि से दुखी व त्रस्त हैं तथा उन्हें गरीबी व बेरोजगारी आदि के कारण अनेकों प्रकार की कठिन पारिवारिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। किन्तु इन सबसे ज़्यादा उन्हें अपने जान, माल व मजहब की ज़्यादा चिन्ता सता रही है, जिसके प्रति राज्यपाल को सरकार का ध्यान आकर्षित कराना चाहिए ताकि प्रदेश की जनता के साथ-साथ विपक्ष को भी थोड़ा आश्वासन मिलता। संभवतः जिसके अभाव के कारण ही राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान विपक्ष की नारेबाज़ी तथा हंगामा भी होता रहा।
मायावती ने लिखा कि राज्यपाल के संबोधन में भाजपा की सरकार ने जनहित व जनकल्याण सम्बंधी बड़े-बड़े दावों, आश्वासनों, घोषणाओं व वादों आदि को पूरा करने सम्बंधी विवरणों का अभाव भी लोगों की चिन्ता का कारण रहा, जिसका आगामी बजट भाषण में समायोजन करना उचित है।
