याेगी सरकार समस्या को समाधान तक पहुंचाने में रखती है विश्वास : राज्यपाल
- विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने में मजबूत आधार दे रहा है उत्तर प्रदेश
- राजधानी लखनऊ स्थित प्रेरणा पार्क में महापुरुषों की प्रतिमाएं दे रही हैं ऊर्जा
- युवाओं के लिए रोजगार, महिला सशक्तीकरण और उज्जवला योजना में से हो रहे लाभान्वित
लखनऊ{ गहरी खोज }:उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने साेमवार से शुरु हुए बजट सत्र के पहले दिन विधान परिषद और विधानसभा की संयुक्त बैठक को संबोधित करते हुए उत्तर प्रदेश सरकार की विभिन्न उपलब्धियों का विस्तार से जिक्र किया। उन्होंने कहा कि सरकार प्रदेश की आर्थिक समृद्धि, युवाओं के लिए रोजगार एवं उद्यमिता, अन्नदाता किसानों के लिए खुशहाली, महिलाओं की आत्मनिर्भरता सहित प्रत्येक नागरिक के सुरक्षित व सम्मानजनक जीवन को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए कार्य कर रही है। सदन में समाजवादी पार्टी (सपा) के सदस्यों की नारेबाजी की परवाह किए बिना राज्यपाल ने अपना पूरा संबोधन दिया।
राज्यपाल ने आगे कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार समस्या को समाधान तक पहुंचाने में विश्वास रखती है। इसी राह पर आगे बढ़ते हुए उत्तर प्रदेश को बॉटलनेक स्टेट से ब्रेक थू स्टेट के तौर पर स्थापित करने में सफल हुई है। सबका साथ सबका विकास के संकल्प के साथ प्रदेश में लगभग 6 करोड़ लोगों को बहुआयामी गरीबी से ऊपर उठाया गया है। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी तथा संविधानशिल्पी बाबा साहेब डाॅक्टर भीमराव अंबेडकर के सपनों के अनुरूप प्रदेश सरकार जीरो पॉवर्टी के लक्ष्य को केंद्र में रख कर वर्ष 2026 को अंत्योदय, सामाजिक न्याय और सर्वसमावेशी लोक कल्याण का सशक्त प्रतीक बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने अपने भाषण में कहा कि विकसित उत्तर प्रदेश 2047 की परिकल्पना को साकार करने के दृढ़ संकल्प के साथ प्रदेश सरकार आगे बढ़ रही है। राज्यपाल ने कहा कि मुझे इस बात की प्रसन्नता है कि विकसित भारत विकसित उत्तर प्रदेश 2047 विजन डाक्यूमेंट तैयार करने के लिए राज्य विधानमंडल में अत्यंत उपयोगी चर्चा की गई।
उन्होंने कहा कि मार्च 2017 के बाद से ही उत्तर प्रदेश ने सुशासन, सुदृढ़ कानून व्यवस्था, आधार भूत ढांचे के विस्तार, निवेश, रोजगार सृजन और जनकल्याण इत्यादि क्षेत्रों में महत्वपूर्ण उपलब्धियां अर्जित की गई हैं। इसने प्रदेश के भावी विकास को सुदृढ़ आधार दिया है। सदन में सपा सदस्याें द्वारा नारेबाजी किए जाने पर राज्यपाल ने नाराजगी भी जताई।
बिना किसी व्यवधान के अपना भाषण जारी रखते हुए राज्यपाल ने सरकार की उपलिब्धयाें में उत्तर प्रदेश की राजधानी में नवनिर्मित प्रेरणा स्थल का उल्लेख किया। उन्हाेंने कहा कि हमारी सरकार ने इस प्रेरणा स्थल का निर्माण किया और इसका उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया। इस प्रेरणा स्थल में भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी, पंडित दीन दयाल उपाध्याय और डाॅक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी की प्रतिमाएं नयी ऊर्जा प्रदान कर रही हैं।
राज्यपाल ने अपने अभिभाषण में सरकार की मिशन कर्मयोगी, इज आफ डूइंग, ईपीआई, ई प्रासिस्क्यूशन प्रणाली, एनपीएस ट्रेडर्स योजना आदि का जिक्र करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार ने अपने दृढ़ संकल्प के चलते पूरे देश में शीर्ष स्थान पर है। उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति का उल्लेख करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश कार्यान्वयन के मामले में देश के अग्रणी राज्यों में से एक है। इसी प्रकार इस वर्ष पौधरोपण अभियान में 37 करोड़ 21 लाख पौधों का रोपण कर रिकार्ड बनाया है। इतना ही नहीं प्रदेश सरकार उज्जवला योजना, प्रधानमंत्री सम्मान किसान निधि, ई मार्केट प्लेस, राज्य कौशल विकास नीति, ग्रामीण स्वच्छ शौलालय निर्माण नीति में अग्रणी राज्य बन चुका है। चीनी उत्पादन, ख़़द्यान्न, आम, दुग्ध और आलू उत्पादन में उत्तर प्रदेश लगातार देश में शीर्ष पर बना हुआ है। शिक्षा, स्वास्थ्य चिकित्या क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य हुए हैं। परिषदीय विद्यालयों के बच्चों को गुणवत्तायुक्त शिक्षा देने के साथ उन्हें विभिन्न प्रकार की सहूलियतें दी जा रही हैं। बालिका शिक्षा को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।
राज्यपाल ने आगे कहा कि हमने आपके समक्ष प्रमुख विकासोन्मुखी नीतियों और कल्याणकारी योजनाओं की संक्षिप्त रूपरेखा प्रस्तुत की। वित्तीय वर्ष 2026- 2027 का आय व्ययक शीघ्र ही सदन में प्रस्तुत किया जाएगा। राज्यपाल ने कहा कि उन्हाेंने विगत सत्र के पश्चात कई अध्यादेश पारित किए हैं, जिनके प्रतिस्थानी विधेयक व कतिपय अन्य महत्वपूर्ण विधेयक सदस्यों के समक्ष प्रस्तुत किए जाएंगे। राज्यपाल ने अपने संबाेधन के समापन में उम्मीद जताई कि सदन के सभी सदस्य प्रदेश की आम जनता के व्यापक हित में प्रदेश सरकार का सहयोग कर जन आकांक्षाओं को पूरा करने में अपना बहुमूल्य योगदान करेंगे और इस सदन की उच्च गरिमा व पवित्रता बनाए रखेंगे।
