बिहार विधानसभा : भाजपा विधायक ने विदेशी नागरिकों का उठाया मुद्दा, गृह मंत्री सम्राट चौधरी ने जांच का दिलाया भरोसा

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पटना{ गहरी खोज }: बिहार विधानमंडल के बजट सत्र के पांचवें दिन सोमवार को गोपालगंज जिले के बैकठपुर विधानसभा क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक मिथलेश तिवारी ने प्रश्नकाल के दौरान गृह विभाग से जुड़ा देश की सुरक्षा का गंभीर मामला सदन में उठाया। विधायक मिथलेश तिवारी ने गोपालगंज जिले में वर्ष 1990 से 2015 के बीच पाकिस्तानी नागरिकों के आगमन और उनके बसने को लेकर सवाल किया। इस पर उपमुख्यमंत्री सह गृह मंत्री सम्राट चौधरी ने सदन को आश्वस्त किया कि बिहार में धार्मिक वीजा पर आने वाले सभी विदेशी नागरिकों की गहन छानबीन की जाएगी। उनके ठहरने, आवागमन और यात्रा से जुड़ी सभी गतिविधियों पर निगरानी रखी जाएगी।
विधायक तिवारी ने सरकार से पूछा कि धार्मिक यात्रा पर आने वाले विदेशी नागरिकों की पहचान और सत्यापन की प्रक्रिया क्या है। उन्होंने कहा कि कई लोग धार्मिक यात्रा के नाम पर भारत आते हैं और बाद में नागरिकता प्राप्त कर लेते हैं। ऐसे लोग कई क्षेत्रों में आलीशान मकान बना लेते हैं, जमीन-जायदाद अपने नाम करवा लेते हैं और यहां तक कि मतदाता सूची में भी अपना नाम दर्ज करा लेते हैं।
उन्होंने सदन में कहा कि उनके क्षेत्र में प्रमुख धार्मिक स्थल थावे मंदिर है, इसके अतिरिक्त कोई बड़ा धार्मिक केंद्र नहीं है, इसके बावजूद वहां विदेशी नागरिकों की लगातार उपस्थिति देखी जाती है। विधायक ने सवाल उठाया कि जब विदेशी नागरिक भारत आते हैं, तो स्थानीय लोगों को इसकी जानकारी होती है, लेकिन प्रशासन के पास उनके आगमन का कोई स्पष्ट रिकॉर्ड नहीं होता। उन्होंने यह भी पूछा कि क्या इन विदेशी नागरिकों की तस्वीरें ली जाती हैं, क्या इमीग्रेशन विभाग से उनका सत्यापन होता है और क्या उनके आवागमन से संबंधित दस्तावेज विभाग के पास सुरक्षित रहते हैं।
गृह मंत्री सम्राट चौधरी ने सदन में जानकारी देते हुए बताया कि वर्ष 1995 से 2015 के बीच कुल 173 विदेशी नागरिक धार्मिक यात्रा पर बिहार आए थे। इनमें से 168 नागरिक पाकिस्तान से, जबकि कुछ ब्रिटेन और उज्बेकिस्तान से आए थे। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार यह सुनिश्चित करती है कि टूरिस्ट या धार्मिक वीजा पर आने वाला कोई भी विदेशी नागरिक किसी प्रकार की आपराधिक गतिविधि में शामिल न हो।
गृह मंत्री ने कहा कि सरकार की ओर से निर्धारित प्रक्रिया के तहत सभी मामलों की निगरानी की जाती है। हालांकि, विधायक मिथलेश तिवारी ने स्थानीय स्तर पर निगरानी की कमी पर चिंता जताते हुए कहा कि विदेशी नागरिकों की गतिविधियों की पूरी जानकारी प्रशासन तक नहीं पहुंच पाती, जिससे पहचान और सत्यापन में कठिनाई होती है।
विधायक ने यह भी मांग की कि यदि कोई विदेशी नागरिक धार्मिक यात्रा के नाम पर लंबे समय तक भारत में रहकर संपत्ति अर्जित करता है या मतदाता सूची में शामिल हो जाता है, तो उसके खिलाफ स्पष्ट और सख्त कार्रवाई के लिए दिशा-निर्देश तय किए जाएं। इस पर गृह विभाग ने भरोसा दिलाया कि विदेशी नागरिकों की नागरिकता और स्थायी निवास से जुड़ी प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाएगी और किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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