केंद्रीय गृह मंत्री ने नक्सल नेटवर्क तोड़ने, आत्समर्पण और गांवों में इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट पर की चर्चा
रायपुर{ गहरी खोज }: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में रविवार काे हुई बैठक में वामपंथी उग्रवाद, छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद की स्थिति और बस्तर के विकास पर चर्चा हुई। अमित शाह ने कई विभागों की समीक्षा भी की। इस दौरान राज्य और नक्सल प्रभावित प्रदेशों के अधिकारी मौजूद रहे।
नया रायपुर स्थित एक होटल में बैठक आयाेजित की गई थी, जिसमें बस्तर को आदिवासी संभाग बनाने पर भी चर्चा हुई। इसके अलावा नक्सल नेटवर्क तोड़ने, नक्सलियों का आत्मसमर्पण बढ़ाने, प्रभावित इलाकों में विकास कार्य और इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी चर्चा हुई।
बैठक में केन्द्रीय गृह सचिव, आसूचना ब्यूरो (आईबी) के निदेशक, गृह मंत्रालय के विशेष सचिव (आंतरिक सुरक्षा), केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल, सीमा सुरक्षा बल, आईटीबीपी के अधिकारियों के साथ राष्ट्रीय जांच एजेंसी के महानिदेशक और छत्तीसगढ़, ओडिशा, महाराष्ट्र, झारखंड और तेलंगाना के पुलिस महानिदेशक सहित कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि, सिक्योरिटी सेंट्रिक स्ट्रेटजी, इंफ्रास्ट्रक्चर, नक्सल फाइनेंशियल नेटवर्क पर प्रहार व आत्मसमर्पण नीति के सकारात्मक परिणाम आए हैं और इस 31 मार्च से पहले नक्सलवाद पूरी तरह समाप्त हो रहा है। उन्हाेंने कहा कि भारत सरकार व छत्तीसगढ़ सरकार किसी पर भी गोली चलाना नहीं चाहती है। सभी माओवादी हथियार डाल दें, उनके लिए हम रेड कार्पेट बिछाकर उनका स्वागत करेंगे।
