केंद्रीय बजट ‘विकसित भारत 2047’ की मजबूत नींव : इंद्राज
नई दिल्ली{ गहरी खोज }: दिल्ली के समाज कल्याण रविंद्र इंद्राज सिंह ने कहा कि केंद्रीय बजट 2026–27 विकास और ‘विकसित भारत 2047’ की बजट नींव है। उन्होंने शनिवार को दिल्ली सचिवालय में प्रेस कांफ्रेंस करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में प्रस्तुत यह बजट सामाजिक न्याय, समावेशी विकास और वंचित वर्गों के सशक्तिकरण को प्राथमिकता देता है। उन्होंने बताया कि सामाजिक न्याय एवं कल्याण से जुड़े क्षेत्रों के लिए बजट में लगभग 12.5 फीसद की वृद्धि कर करीब 14,800 करोड़ रूपये का प्रावधान किया गया है, जिससे कमजोर एवं वंचित वर्गों के उत्थान को बल मिलेगा। उन्होंने कहा कि अनुसूचित जाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के छात्रों और युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए लगभग 9,200 करोड़ से अधिक का प्रावधान किया गया है, जिससे शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
मंत्री इंद्राज ने कहा कि दिव्यांगजन सशक्तिकरण के लिए बजट में लगभग 1,350 करोड़ का प्रावधान किया गया है, जिससे सहायक उपकरण, कौशल विकास और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा सकेंगे। वहीं वरिष्ठ नागरिकों के लिए केयर इकोसिस्टम को मजबूत करने हेतु डेढ़ लाख से अधिक केयरगिवर्स तैयार करने का निर्णय लिया गया है, जो शहरी राज्यों विशेषकर दिल्ली के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगा। स्वास्थ्य क्षेत्र में ट्रॉमा, आपातकालीन सेवाओं और कैंसर डे-केयर सुविधाओं के विस्तार का प्रावधान भी समाज के कमजोर वर्गों के लिए महत्वपूर्ण कदम है।
सहकारिता क्षेत्र पर प्रकाश डालते हुए मंत्री ने कहा कि लगभग 1,150 करोड़ के प्रावधान के साथ इस क्षेत्र में करीब 45 फीसद की वृद्धि की गई है, जिससे कृषि, डिजिटलीकरण, प्रशिक्षण और रोजगार को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही सहकारिता आधारित संस्थानों और स्टोर्स के माध्यम से आम नागरिकों को सुलभ दरों पर आवश्यक वस्तुएं उपलब्ध कराने की दिशा में भी पहल की गई है। दिल्ली में सहकारिता को बढ़ावा देने के लिए प्रशिक्षण एवं संस्थागत ढांचा विकसित करने पर भी कार्य किया जाएगा।
मंत्री इंद्राज सिंह ने कहा कि यह बजट बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर के सामाजिक न्याय और समान अवसर के विचारों को आगे बढ़ाने वाला है तथा शोषित, वंचित और अंत्योदय वर्ग के उत्थान को केंद्र में रखता है। उन्होंने प्रधानमंत्री एवं केंद्रीय वित्त मंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह बजट देश और दिल्ली दोनों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में सहायक सिद्ध होगा।
