कोलकाता में अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी गिरोह का भंडाफोड़, आठ गिरफ्तार
कोलकाता{ गहरी खोज }: कोलकाता पुलिस की साइबर क्राइम शाखा ने अमेरिकी नागरिकों को निशाना बनाकर ठगी करने वाले एक अंतरराष्ट्रीय साइबर अपराध गिरोह का भंडाफोड़ किया है। यह गिरोह पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के महेशतला इलाके से संचालित हो रहा था। मामले में पुलिस ने आठ लोगों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस ने आरोपितों के पास से भारी मात्रा में डिजिटल डाटा, आपत्तिजनक दस्तावेज और कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए हैं। बरामद सामान में पांच लैपटॉप, 12 मोबाइल फोन और दो राउटर शामिल हैं। पुलिस ने आरोपितों के खिलाफ सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामले दर्ज किए गए हैं।
जांच में सामने आया है कि, आरोपितों ने महेशतला के शिबरामपुर इलाके स्थित एक आवासीय परिसर में किराए पर फ्लैट लेकर फर्जी कॉल सेंटर स्थापित किया था। वे खुद को एक प्रमुख सूचना प्रौद्योगिकी कंपनी के तकनीकी सहायता अधिकारी बताकर लोगों से संपर्क करते थे। इसके अलावा, वे यह भी दावा करते थे कि वे अमेरिका के कई बड़े बैंकों के तकनीकी संचालन का काम संभालते हैं।
फर्जी पहचान के जरिए अमेरिकी नागरिकों से संपर्क कर उनकी व्यक्तिगत और वित्तीय जानकारी हासिल की जाती थी। इसके बाद अलग-अलग तरीकों से धोखाधड़ी को अंजाम दिया जाता था। पुलिस ने जांच में यह भी पाया है कि इस फर्जी पहचान का प्रचार सोशल मीडिया के माध्यम से भी किया गया था। कोलकाता पुलिस के संयुक्त पुलिस आयुक्त (अपराध) रूपेश कुमार ने कहा कि जांच जारी है। इस मामले में अन्य लोगों की संलिप्तता से भी इनकार नहीं किया जा सकता।
पुलिस के अनुसार, जब ठगी के शिकार अमेरिकी नागरिकों ने सीधे माइक्रोसॉफ्ट से संपर्क किया, तब उन्हें इस पूरे मामले के फर्जी होने की जानकारी मिली। इसके बाद नवंबर में कोलकाता के साइबर पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई गई थी, जिसके आधार पर जांच शुरू की गई।
शिकायत के बाद कोलकाता पुलिस ने एक विशेष जांच दल का गठन किया। शनिवार तड़के करीब 3.40 बजे महेशतला के ग्रीन फील्ड सिटी आवासीय परिसर में लगभग 20 मिनट तक अभियान चलाया गया। इसी दौरान परिसर के ब्लॉक-46, सेवन बी से गिरोह के मुख्य अड्डे का पता चला।
यहां से जुनैद अली, मोहम्मद साकिर, मोहम्मद खुर्शीद अख्तर, शादाब खान, जाकिर खान, हुसैन अहमद खान, शेख अमीरुल्लाह और कुंदन राय को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार सभी आरोपित कोलकाता और हुगली जिले के विभिन्न इलाकों के निवासी हैं। मामले में साइबर पुलिस अधिकारी ने बताया कि यह एक अंतरराष्ट्रीय साइबर अपराध गिरोह है। ठगी की रकम विदेश में कहां भेजी गई और इसमें कौन-कौन शामिल है, इसकी हर पहलू से जांच की जा रही है।
