कुछ साल पहले सीमाओं पर हमें जिन चुनौतियों का सामना करना पड़ा : अमित शाह

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जम्मू{ गहरी खोज }: केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को आधुनिक उपकरणों के माध्यम से सीमा सुरक्षा को मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि अग्रिम मोर्चों पर तैनात कर्मियों की निरंतर सतर्कता महत्वपूर्ण बनी हुई है, वहीं उन्नत प्रौद्योगिकी से उत्पन्न चुनौतियों का मुकाबला समान रूप से उन्नत तकनीकी समाधानों से किया जाना चाहिए। शाह जम्मू और कश्मीर के कठुआ में अंतरराष्ट्रीय सीमा पर स्थित अग्रिम चौकियों के दौरे के दौरान सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के जवानों को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान सशस्त्र बलों की भूमिका की भी सराहना की, जब जम्मू सीमा ने सीमा पार 118 दुश्मन चौकियों और तीन आतंकी लॉन्च पैड को नष्ट कर दिया था। उन्होंने कहा कि सरकार और बीएसएफ दोनों का साझा उद्देश्य देश की सीमाओं को सुरक्षित रखना है और उन्होंने कहा कि कुछ साल पहले की चुनौतियां आज की चुनौतियों से बिल्कुल अलग हैं।
गृह मंत्री ने कहा, “कुछ साल पहले सीमाओं पर हमें जिन चुनौतियों का सामना करना पड़ा था वे आज की चुनौतियों से बिल्कुल अलग हैं। मोर्चे पर लगातार सतर्क रहने के लिए आपका समर्पण अत्यंत महत्वपूर्ण है। हालांकि उन्नत प्रौद्योगिकी के माध्यम से नई चुनौतियां उभर रही हैं इसलिए हमें उनका मुकाबला करने के लिए तकनीकी समाधान भी खोजने होंगे।”
हीरानगर सेक्टर के गुरनाम और बोबियान सीमा चौकियों के दौरे के दौरान उनके साथ उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, गृह सचिव गोविंद मोहन, खुफिया ब्यूरो के निदेशक तपन कुमार डेका और बीएसएफ के महानिदेशक प्रवीण कुमार भी थे। उनका यह दौरा आतंकवादियों की घुसपैठ और हथियारों व नशीले पदार्थों की तस्करी को रोकने के लिए सीमा प्रबंधन पर बढ़ते ध्यान और आतंकवाद विरोधी अभियानों को तेज करने के बीच हुआ है। इन अभियानों में पिछले दो हफ्तों में कठुआ, उधमपुर और किश्तवार जिलों में लगभग एक दर्जन मुठभेड़ों में जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) के चार कट्टर पाकिस्तानी आतंकवादी मारे गए हैं। शाह गुरुवार की देर रात जम्मू-कश्मीर के दो दिवसीय दौरे पर यहां पहुंचे, जहां उपराज्यपाल सिन्हा, मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और विधानसभा में विपक्ष के नेता सुनील शर्मा सहित वरिष्ठ भाजपा नेताओं ने उनका स्वागत किया।
अधिकारियों ने बताया कि कठुआ में गृह मंत्री ने बोबियान में सीमा सुरक्षा बलों के लिए छह कल्याणकारी योजनाओं का वर्चुअल उद्घाटन और आधारशिला रखी। बोबियान में बीएसएफ जवानों को संबोधित करते हुए गृह मंत्री ने कहा कि वे सीमा निगरानी का जायजा लेने और बल के कर्मियों से सीधे बातचीत करने आए हैं। उन्होंने कहा, “मैंने वादा किया है कि बीएसएफ का 60वां वर्ष बीएसएफ आधुनिकीकरण और बीएसएफ कर्मियों और उनके परिवारों के कल्याण के वर्ष के रूप में मनाया जाएगा। गृह मंत्रालय की एक टीम इन दोनों पहलुओं पर काम कर रही है।” उन्होंने कहा कि बीएसएफ कर्मियों के कल्याण के लिए सरकार एक विशेष योजना भी लाएगी।
उन्होंने आगे कहा, “इसके अलावा सरकार प्रौद्योगिकी के आधार पर सीमा सुरक्षा के आधुनिकीकरण के लिए आवश्यक धनराशि खर्च करने को तैयार है। मेरा मानना घ्घ्है कि बेहतर सीमा अवसंरचना और आधुनिक उपकरण आपको अपने कर्तव्यों के निर्वहन में बहुत मदद करेंगे। इसके माध्यम से हम आपकी कठिनाइयों को भी कुछ हद तक कम करने का प्रयास करेंगे ताकि आप अपनी जिम्मेदारियों को बेहतर ढंग से निभा सकें।” गृह मंत्री ने बीएसएफ कर्मियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उनके कर्तव्यनिष्ठा और समर्पण के कारण ही पूरा देश शांति से सो पाता है और सुरक्षित महसूस करता है।
गृह मंत्री ने कहा, “जब भी मैं बीएसएफ चौकी का दौरा करता हूंकृचाहे वह राजस्थान का कच्छ रेगिस्तान हो या जम्मू-कश्मीर क्षेत्रकृमैं हमेशा कर्तव्यनिष्ठा, जागरूकता और उच्चतम मानकों की सच्ची भावना से सीखकर लौटता हूं जो आप समर्पण और प्रतिबद्धता के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वाह करते हुए प्रदर्शित करते हैं।” उन्होंने कहा कि यदि सभी बलों में समर्पण और कर्तव्यनिष्ठापूर्ण सेवा का सबसे अच्छा उदाहरण है तो वे बीएसएफ जवान हैं जो दिन-रात सीमाओं पर तैनात रहते हैं। उन्होंने कहा, “यह भावना आपके 60 वर्षों के वीरतापूर्ण इतिहास में निहित है जिसने आपको पूरे देश में सम्मान और प्रशंसा दिलाई है।”
उन्होंने कहा कि जब भी घुसपैठ या अतिक्रमण का खतरा आया है बीएसएफ एक अभेद्य दीवार की तरह दृढ़ और अडिग खड़ी रही है और राष्ट्र को सुरक्षित रखने के लिए निरंतर काम करती रही है। पिछले साल मई में हुए ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र करते हुए शाह ने कहा कि बीएसएफ द्वारा प्रदर्शित अनुकरणीय साहस इसके छह दशक लंबे इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय बन गया है। उस कठिन समय में भी आप सभी ने यह भावना कायम रखी और बुलंद रखी कि हम सीमा के रक्षक हैं और यह सुनिश्चित किया कि सीमा उज्ज्वल और अडिग बनी रहे। जम्मू-कश्मीर सीमा पर बीएसएफ ने 118 चौकियों और तीन आतंकी लॉन्च पैड को नष्ट कर दिया। उन्होंने जम्मू सेक्टर में सर्वाेच्च बलिदान देने वाले सब-इंस्पेक्टर मोहम्मद इम्तियाज और कांस्टेबल दीपक चिंगथम को श्रद्धांजलि अर्पित की जिन्हें उनकी असाधारण वीरता के लिए वीर चक्र से सम्मानित किया गया। गृह मंत्री ने बोबियान सीमा चौकी पर शहीद स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित कर देश के लिए प्राणों की आहुति देने वाले सीमा रक्षकों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने लिखा, “मैंने राष्ट्र की रक्षा के लिए सर्वाेच्च बलिदान देने वाले वीर सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की। ३ सैनिकों का बलिदान और अटूट समर्पण हर नागरिक के लिए प्रेरणादायक है। मैं उनके अदम्य साहस और वीरता को सलाम करता हूं।’

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