बालाजी अच्छा खेल रहे हैं, इसलिए वह युगल के लिए बेहतर विकल्प थे: राजपाल

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बेंगलुरु{ गहरी खोज }: भारत के डेविस कप कप्तान रोहित राजपाल ने शुक्रवार को कहा कि हाल के मैच के प्रदर्शन और फॉर्म ने टीम प्रबंधन के फैसले को प्रभावित किया जिसके तहत नीदरलैंड के खिलाफ मुकाबले में युगल मैच के लिए पहले चुने गए ऋत्विक बोलीपल्ली की जगह एन श्रीराम बालाजी को चुना गया।
राजपाल ने ड्रॉ के बाद युगल संयोजन के बारे में बताते हुए कहा कि टीम के पास लंबे अभ्यास सत्र के दौरान खिलाड़ियों का आकलन करने का काफी समय था। बालाजी और बोलीपल्ली स्विट्जरलैंड के खिलाफ पिछले मैच में खेले थे जिसमें युकी भांबरी नहीं खेल पाए थे। राजपाल ने कहा, ‘‘हम यहां जल्दी आ गए थे और बहुत सारे सेट खेले। बालाजी लगातार टूर्नामेंट खेल रहे हैं और अभी बहरीन में बहुत अच्छा नतीजा हासिल करके आए हैं। ’’
उन्होंने कहा, ‘‘ऋत्विक अच्छा खेल रहा है, लेकिन उसने पिछले डेढ़-दो महीनों से सक्रियता से टूर्नामेंट में हिस्सा नहीं लिया है। यह मुश्किल फैसला था, लेकिन हमें लगा कि उसे सीधे दबाव वाले डेविस कप मैच में उतारना ठीक नहीं होगा और उसे लय में आने के लिए और समय देना चाहिए। ’’ भारत के शीर्ष एकल खिलाड़ी सुमित नागल ने कहा कि बेंगलुरु की ऊंचाई वाली परिस्थितियों से सांमजस्य बिठाने में आमतौर पर कुछ दिन लगते हैं, हालांकि यह शहर बहुत ज्यादा ऊंचाई (900 मीटर) पर नहीं है।
नागल ने कहा, ‘‘अगर मैं ऊंचाई पर खेलता हूं तो मैं कम से कम तीन या चार दिन पहले पहुंचना पसंद करता हूं ताकि बहुत सारी गेंदें हिट कर सकूं। मौसम के हिसाब से बेंगलुरु बहुत अच्छा है। ’’ नागल ने कहा कि पेशेवर सर्किट पर बार-बार यात्रा करने से अलग-अलग परिस्थितियों में सांमजस्य बिठाना आसान हो जाता है। उन्होंने कहा, ‘‘हम हर हफ्ते टूर्नामेंट खेलने के लिए यात्रा करते हैं इसलिए परिस्थितियों का आदी होना हमारे काम का हिस्सा है। ’’
नागल के खिलाफ शुरुआती एकल खेलने वाले डेन ओडेन ने माना कि उन्हें ऊंची जगहों पर खेलने की आदत नहीं है, लेकिन वह मुकाबले के लिए तैयार हैं।
वहीं नीदरलैंड के कप्तान पॉल हैरहियस ने कहा कि बेंगलुरु में अतिरिक्त अभ्यास ने उन्हें चुनौती के लिए अच्छी तरह से तैयार किया है। उन्होंने कहा, ‘‘मैंने अपने फेड कप कोच को फोन किया था क्योंकि टीम हाल में बेंगलुरु में खेली थी। इसलिए हमें काफी जानकारी मिली और इससे हमें मदद मिली। ’’ उन्होंने कहा कि उनके खिलाड़ी भारत की मेहमाननवाजी का आनंद ले रहे हैं।
दक्षिणेश्वर सुरेश ने कहा कि अमेरिकी ‘कॉलेजिएट सर्किट’ और विश्व टेनिस लीग (डब्ल्यूटीएल) में टीम स्पर्धा खेलने के अनुभव ने उन्हें डेविस कप के माहौल में ढलने में मदद की है। उन्होंने कहा, ‘‘स्विट्जरलैंड में टीम इंडिया का हिस्सा बनना अविश्वसनीय था और अब घरेलू कोर्ट पर फिर से ऐसा करना एक बड़ा सम्मान है। मैं टीम के माहौल में सहज महसूस करता हूं। कोर्ट के अंदर और बाहर अच्छा तालमेल होने से सच में मदद मिलती है। ’’
युगल विशेषज्ञ युकी भांबरी ने कहा कि टूर पर खिलाड़ियों के बीच जान-पहचान टीम प्रतियोगिताओं में संयोजन को मजबूत करती है। उन्होंने कहा, ‘‘हममें से ज्यादातर खिलाड़ी एक जैसे टूर्नामेंट खेलते हैं, साथ में यात्रा करते हैं और साथ में ट्रेनिंग करते हैं। हमने दिसंबर में यहां दो हफ्ते का शिविर भी किया था। हम एक-दूसरे को अच्छे से समझते हैं और जब आप इस तरह के मुकाबले में होते हैं तो यह निश्चित रूप से मदद करता है। ’’ भांबरी ने कहा, ‘‘मैंने अपने करियर के ज्यादातर समय एकल में भारत का प्रतिनिधित्व किया है और अब मैं युगल में मुकाबला करके देश के लिए वह अहम अंक हासिल करने की कोशिश करके खुश हूं। ’’

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