ओबीसी आरक्षण प्रकरण में राज्य सरकार ने सर्वोच्च न्यायालय में रखा प्रभावी रूप से पक्ष

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प्रिंट एवं सोशल मीडिया में प्रकाशित तथ्यहीन एवं भ्रामक रिपोर्टिंग को न्यायालय ने लिया गंभीरता से

भोपाल { गहरी खोज }: ओबीसी आरक्षण से संबंधित प्रकरण में सर्वोच्च न्यायालय में राज्य सरकार द्वारा पूरी तैयारी के साथ सशक्त पक्ष रखा जा रहा है। इसी क्रम में 29 जनवरी 2026 को राज्य सरकार की ओर से एडिशनल सॉलिसिटर जनरल श्री के.एम. नटराज, स्टैंडिंग कॉउंसल श्री मृगांक एलकर, अतिरिक्त महाधिवक्ता श्री धीरेंद्र सिंह परमार, स्टैंडिंग कॉउंसल श्री हरमीत सिंह रूपराह एवं शासकीय अधिवक्ता श्री राजन चौरसिया सम्पूर्ण तैयारी के साथ न्यायालय में उपस्थित रहे।
माननीय सर्वोच्च न्यायालय की बेंच केवल इस सप्ताह के लिए गठित थी। न्यायालय द्वारा अवगत कराया गया कि उक्त प्रकरण की विस्तृत सुनवाई 4 फरवरी 2026 को की जाएगी। राज्य सरकार की ओर से न ही समय मांगा गया और न ही सुनवाई को आगे बढ़ाने का कोई अनुरोध किया गया।
शुक्रवार 30 जनवरी को एडिशनल सॉलिसिटर जनरल श्री के.एम. नटराज द्वारा दिनांक 29 जनवरी को न्यायालय में हुई सुनवाई के संबंध में प्रिंट एवं सोशल मीडिया में की गई तथ्यहीन एवं भ्रामक रिपोर्टिंग के संवेदनशील मुद्दे को माननीय न्यायालय के संज्ञान में लाया गया। उन्होंने कहा कि माननीय न्यायालयों में विचाराधीन प्रकरणों के संबंध में मीडिया के समक्ष पार्टी प्रवक्ताओं की तरह जानकारी प्रस्तुत करना न्यायालय की गरिमा के विरूद्ध है। एडिशनल सॉलिसिटर जनरल श्री नटराज ने मीडिया के समक्ष संबंधित एडवोकेट द्वारा शासकीय अधिवक्ताओं की अनुपस्थिति बताने और माननीय न्यायाधिपतियों के नाम के उल्लेख को भी न्यायालयीन गरिमा के विरूद्ध बताने पर समग्र निर्देश प्रसारित करने का आग्रह किया। इसे न्यायालय ने गंभीरता से लेते हुए आगामी 4 फरवरी 2026 को होने वाली सुनवाई के दौरान इस विषय को संज्ञान लेने की बात कही है।

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