उम्रकैद के दोषी प्रिया सेठ और हनुमान प्रसाद की जेल की लव स्टोरी शादी में बदली

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अलवर{ गहरी खोज }:राजस्थान के अलवर जिले का बड़ौदा मेव कस्बा आज एक अनोखी और चौंकाने वाली वजह से सुर्खियों में है। यहां उम्रकैद की सजा काट रहे दो दोषी प्रिया सेठ और हनुमान प्रसाद आज शादी के बंधन में बंधने जा रहे हैं। दोनों अलग-अलग क्रूर हत्याकांडों में दोषी ठहराए गए हैं और जयपुर की सांगानेर ओपन जेल में सजा काट रहे थे।
राजस्थान हाई कोर्ट के निर्देश पर उन्हें 15 दिनों की विशेष पैरोल मिली है, जिसके तहत यह शादी हो रही है। हनुमान प्रसाद का पैतृक घर बड़ौदा मेव के होली चौक मोहल्ले में है, जहां यह विवाह समारोह आयोजित किया जा रहा है। प्रिया सेठ, जो पाली जिले की मूल निवासी है, 2018 के जयपुर टिंडर मर्डर केस में दोषी पाई गई। शिक्षित परिवार से ताल्लुक रखने वाली प्रिया के दादा प्रिंसिपल, पिता कॉलेज लेक्चरर और मां सरकारी स्कूल टीचर रह चुकी हैं। अच्छे अंकों के आधार पर उसे जयपुर पढ़ाई के लिए भेजा गया, लेकिन वहां गलत संगत में पड़कर वे गलत रास्ते पर चली गई।
महंगे शौक पूरे करने के लिए उसने डेटिंग ऐप्स पर युवकों को जाल में फंसाना शुरू किया। इसी दौरान उसकी मुलाकात श्रीगंगानगर के दीक्षांत कामरा से हुई, जो मुंबई में मॉडलिंग करता था। दोनों जयपुर में लिव-इन में रहने लगे। प्रिया ने खुद को दिल्ली की अमीर लड़की बताकर दुष्यंत शर्मा नाम के युवक को डेटिंग ऐप पर फंसाया। 2 मई 2018 को उसे फ्लैट पर बुलाया, जहां दीक्षांत और उसका दोस्त लक्ष्य वालिया पहले से मौजूद थे।
उन्होंने दुष्यंत को बंधक बनाया, उसके पिता से 10 लाख की फिरौती मांगी। पिता ने तीन लाख जमा कर दिए। लेकिन, पकड़े जाने के डर से तीनों ने दुष्यंत का गला दबाकर हत्या कर दी। चेहरे को क्षत-विक्षत कर शव को सूटकेस में बंद करके आमेर की पहाड़ियों में फेंक दिया। पुलिस ने 3 मई को शव बरामद किया और 4 मई को तीनों को गिरफ्तार कर लिया। 24 मई 2024 को जयपुर कोर्ट ने उन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई। दूसरी ओर, हनुमान प्रसाद उर्फ जैक ने 2 अक्टूबर 2017 को अलवर के शिवाजी पार्क में ताइक्वांडो प्लेयर संतोष शर्मा के पति बनवारी लाल और उनके चार बच्चों की हत्या की थी। संतोष से अफेयर के चलते दोनों ने मिलकर नींद की गोलियां देकर उन्हें बेहोश किया और चाकू से गला रेत दिया।
हनुमान उस समय फिजिकल टीचर की तैयारी कर रहा था। हत्या के बाद वह उदयपुर भाग गया। लेकिन, दो दिन बाद गिरफ्तार हो गया। जांच में पता चला कि संतोष उससे 10 साल बड़ी थी। लेकिन, प्रेम इतना गहरा था कि उन्होंने शादी का प्लान बनाया और परिवार को ठिकाने लगाने की साजिश रची।
कोर्ट ने दोनों को उम्रकैद दी। हनुमान और प्रिया की मुलाकात जेल में हुई थी, जहां नजदीकियां बढ़ीं। बताया जा रहा है कि वे पिछले छह महीने से लिव-इन में रह रहे थे। प्रिया 33 साल और हनुमान 32 साल का है। शादी का कार्ड भी छपा है और समारोह तीन दिनों तक चलेगा। यह घटना इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है, क्योंकि दो अलग-अलग जघन्य अपराधों के दोषी अब एक साथ जीवन शुरू करने जा रहे हैं।
पैरोल कमेटी ने हाई कोर्ट के आदेश पर यह अनुमति दी। कुछ पीड़ित पक्ष के वकील पैरोल के खिलाफ हाई कोर्ट जाने की बात कह रहे हैं। यह प्रकरण जेल में कैदियों के बीच रिश्तों, पैरोल नियमों और समाज की प्रतिक्रियाओं पर नई बहस छेड़ रहा है।

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