डाक विभाग का चालू वित्त वर्ष में 30 फीसदी राजस्व वृद्धि का लक्ष्य
नई दिल्ली{ गहरी खोज }: केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने गुरुवार को कहा कि डाक विभाग ने चालू वित्त वर्ष 2025-26 में राजस्व में 30 फीसदी वृद्धि हासिल करने का लक्ष्य रखा है। विभाग का लक्ष्य 17,546 करोड़ रुपये का है, जो पिछले वित्त वर्ष 2024-25 के 13,240 करोड़ रुपये की तुलना में एक ही वर्ष में 30 फीसदी अधिक है।
सिंधिया ने यहां डाक विभाग की तीसरी तिमाही (अक्टूबर-दिसंबर) समीक्षा बैठक के बाद कहा कि छह में से पांच क्षेत्रों में राजस्व वृद्धि दर्ज की गई है, जबकि अमेरिकी सरकार द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों के कारण अंतरराष्ट्रीय डाक का राजस्व स्थिर रहा। उन्होंने कहा कि 2023-24 में विभाग का राजस्व 12,800 करोड़ रुपये था, जो 2024-25 में बढ़कर 13,240 करोड़ रुपये हुआ। यह मात्र तीन फीसदी की वृद्धि थी। अब विभाग ने इसे दस गुना बढ़ाकर 30 फीसदी करने का लक्ष्य रखा है।
उन्होंने कहा कि फिलहाल डाक विभाग सरकार के लिए व्यय केंद्र है, लेकिन अगले चार से पांच वर्षों में इसे लाभ केंद्र बनाने का लक्ष्य है। पिछले वित्त वर्ष की तीन तिमाहियों में विभाग का कुल राजस्व 9,300 करोड़ रुपये था, जबकि इस वर्ष तीन तिमाहियों में यह बढ़कर 10,200 करोड़ रुपये हो गया है। यह नौ फीसदी की सकारात्मक वृद्धि है। डाक व्यवसाय में चौथी तिमाही में राजस्व का बड़ा हिस्सा आता है। पिछले वर्ष तीन तिमाहियों में 9,300 करोड़ रुपये का राजस्व था, लेकिन पूरे वर्ष का कुल 13,240 करोड़ रुपये हो गया। इसी तरह इस वर्ष भी चौथी तिमाही में बड़ी वृद्धि की उम्मीद है।
सिंधिया ने कहा कि डाक पत्र सेवा का राजस्व लगभग स्थिर रहा है और 1,625 करोड़ रुपये पर बना हुआ है। अंतरराष्ट्रीय डाक पत्र सेवा में अमेरिकी बाजार से जुड़ी कठिनाइयों के कारण वृद्धि सीमित रही है। वहीं, एक अन्य में 12 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई है। नागरिक केंद्रित सुविधाओं में उल्लेखनीय प्रगति हुई है, जहां राजस्व पिछले वर्ष की तीन तिमाहियों के 328 करोड़ रुपये से बढ़कर 641 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है। यह 95 फीसदी की वृद्धि है।
उन्होंने कहा कि विभाग पार्सल बिजनेस में तेजी से वृद्धि लाने पर विशेष ध्यान दे रहा है। इसके लिए कई निजी कंपनियों के साथ साझेदारी की गई है। कर्नाटक सर्कल ने तीसरी तिमाही का लक्ष्य हासिल कर लिया है, जबकि पंजाब सर्कल ने 81 फीसदी लक्ष्य पूरा किया है। 15 से 16 सर्कल 60 से 80 फीसदी के बीच प्रदर्शन कर रहे हैं और नौ सर्कल को अतिरिक्त सहायता दी जा रही है।
