धान खरीद में टोकन संकट से फूटा किसानों का गुस्सा, राजपुर में तीसरी बार चक्का जाम, एनएच पर ठप रहा आवागमन

0
0306dc4423e92243cad880133ef9bd69_2130596255

बलरामपुर{ गहरी खोज } : बलरामपुर। जिले के राजपुर धान खरीदी केंद्र में टोकन व्यवस्था की अव्यवस्थाओं से त्रस्त किसानों का सब्र आखिरकार टूट गया। महीनों से समाधान की प्रतीक्षा कर रहे किसानों ने मंगलवार को तीसरी बार सड़कों पर उतरकर अपना आक्रोश जाहिर किया। राष्ट्रीय राजमार्ग अंबिकापुर–रामानुजगंज पर चक्का जाम कर किसानों ने प्रशासन और सरकार के खिलाफ साफ संदेश दे दिया कि जब तक धान खरीदी की व्यवस्था दुरुस्त नहीं होगी, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
मंगलवार सुबह करीब साढ़े दस बजे राजपुर धान खरीदी केंद्र के समीप बड़ी संख्या में किसान एकत्र हुए और राष्ट्रीय राजमार्ग अंबिकापुर–रामानुजगंज को जाम कर दिया। किसानों का कहना था कि टोकन न मिलने के कारण वे कई दिनों से धान बेचने के लिए भटक रहे हैं, जिससे उन्हें आर्थिक और मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
किसानों ने बताया कि, 12 जनवरी को टोकन की समस्या को लेकर तहसीलदार राजपुर कावेरी मुखर्जी से चर्चा की गई थी। उस दौरान यह आश्वासन दिया गया था कि धान खरीदी की लिमिट बढ़ते ही टोकन की समस्या स्वतः समाप्त हो जाएगी। तहसीलदार के निर्देश पर किसानों ने खरीदी केंद्र के पंजी में अपने नाम भी दर्ज कराए थे, लेकिन लिमिट बढ़ने के बावजूद पंजी में दर्ज किसानों के क्रम से टोकन नहीं काटे जाने पर किसानों में भारी आक्रोश व्याप्त हो गया।
मौके पर पहुंचीं तहसीलदार कावेरी मुखर्जी ने किसानों को जानकारी दी कि राजपुर धान खरीदी केंद्र की लिमिट पुनः बढ़ाने के लिए शासन स्तर पर प्रस्ताव भेजा जा रहा है, जिससे समस्या का स्थायी समाधान होने की संभावना है। इसके बावजूद किसान तत्काल समाधान की मांग पर अड़े रहे और चक्का जाम समाप्त करने से इनकार कर दिया।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए राजपुर थाना प्रभारी भारद्वाज सिंह मौके पर पहुंचे और किसानों से संवाद किया। उन्होंने आश्वासन दिया कि पंजी में दर्ज किसानों के टोकन क्रमवार काटे जाएंगे और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए थाना स्तर से एक प्रतिनिधि धान खरीदी केंद्र में सहयोग हेतु तैनात किया जाएगा। थाना प्रभारी के इस आश्वासन के बाद किसानों ने चक्का जाम समाप्त किया और आवागमन बहाल हुआ।
गौरतलब है कि, टोकन की समस्या को लेकर किसानों का यह पहला आंदोलन नहीं है। इससे पूर्व 19 दिसंबर को किसान कांग्रेस नेता पुरनचंद्र जायसवाल के नेतृत्व में चक्का जाम किया गया था, वहीं 5 जनवरी को किसानों ने एसडीएम कार्यालय का घेराव कर प्रशासन को अपनी पीड़ा से अवगत कराया था।
आंदोलन के दौरान किसानों ने भावुक स्वर में कहा कि लगातार उन्हें धान बिक्री के लिए प्रताड़ित किया जा रहा है। किसानों ने दो टूक कहा कि या तो सरकार उनका धान खरीदे या फिर उनका कर्ज माफ करे, क्योंकि बार-बार आंदोलन करना किसी भी किसान की मजबूरी बनती जा रही है।
चक्का जाम की सूचना मिलते ही ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष नीरज तिवारी भी मौके पर पहुंचे और किसानों के आंदोलन को समर्थन दिया। उन्होंने अधिकारियों से चर्चा कर टोकन समस्या के शीघ्र समाधान की मांग की तथा किसानों को आश्वस्त किया कि उनकी जायज मांगों के लिए वे हमेशा किसानों के साथ खड़े रहेंगे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *