कांग्रेस ने सांसद निधि काे अन्य राज्याें में खर्च करने पर भाजपा सांसदों पर उठाए सवाल

0
e1250f0dcfb7a12ac12b661caf393dd5_1969142101

देहरादून{ गहरी खोज } : उत्तराखंड कांग्रेस ने राज्य के भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सांसदों पर सांसद निधि का बड़ा हिस्सा दूसरे राज्यों में खर्च करने का आरोप लगाया है। कांग्रेस का कहना है कि देवभूमि की जनता सब देख रही है और समय आने पर इसका जवाब देगी। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने मंगलवार को एक बयान जारी कर कहा कि सूचना के अधिकार (आरटीआई) से प्राप्त जानकारी के अनुसार भाजपा सांसदों ने उत्तर प्रदेश, हरियाणा सहित अन्य राज्यों में ट्यूबवेल, स्कूल, सामुदायिक भवन, सड़क और जल निकासी जैसे कार्यों पर करोड़ों रुपये खर्च किए, जबकि उत्तराखंड के गांव आज भी बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं। गणेश गोदियाल ने कहा कि राज्य के कई क्षेत्रों—देहरादून, टिहरी, अल्मोड़ा, पौड़ी और चमोली—में आज भी सड़क, पेयजल, स्वास्थ्य और शिक्षा की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। ऐसे में सांसद निधि का बाहर खर्च होना जनता के साथ खुला विश्वासघात है। उन्होंने कहा कि यह तर्क देना गलत है कि उत्तराखंड के लोग पूरे देश में रहते हैं। सांसद उत्तराखंड की जनता की ओर से चुने गए हैं और उनकी पहली जिम्मेदारी राज्य का विकास है।
कांग्रेस ने मांग की है कि सांसद निधि का पूरा उपयोग उत्तराखंड के विकास के लिए किया जाए, भाजपा सांसद इस मामले में जनता को जवाब दें और केंद्र सरकार सांसद निधि के दुरुपयोग की जांच कराए। गणेश गोदियाल ने कहा कि देवभूमि की जनता सब देख रही है और समय आने पर इसका जवाब देगी।
उल्लेखनीय है कि आरटीआई से प्राप्त दस्तावेजों के अनुसार सांसदों ने उत्तर प्रदेश और हरियाणा में ट्यूबवेल, स्कूल, सामुदायिक भवन और जल निकासी जैसे कार्यों के लिए कुल 1.28 करोड़ रुपये की सांसद निधि खर्च की है। टिहरी सांसद माला राज्यलक्ष्मी शाह ने वर्ष 2024-25 में उत्तर प्रदेश के आगरा जिले में फुटपाथ, पैदल मार्ग और पेयजल कार्यों के लिए एक करोड़ रुपये स्वीकृत किए। वहीं राज्यसभा सांसद नरेश बंसल ने हरियाणा में शैक्षणिक व सामुदायिक भवनों के लिए 25 लाख रुपये की निधि मंजूर की। इसके अलावा पूर्व राज्यसभा सांसद तरुण विजय ने अपने कार्यकाल के दौरान उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में सड़क व जल निकासी कार्यों के लिए तीन लाख रुपये स्वीकृत किए थे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *