सोशल मीडिया पर हथियार लहराने वाला युवक गिरफ्तार, पिस्टल बरामद

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नई दिल्ली{ गहरी खोज }: द्वारका जिला पुलिस की एंटी ऑटो थेफ्ट स्क्वॉड (एएटीएस) ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए अपराध की राह पर बढ़ रहे एक युवक को अवैध हथियार के साथ गिरफ्तार किया है। आरोपी सोशल मीडिया पर हथियार के साथ तस्वीरें डालकर और दोस्तों के बीच हथियार दिखाकर अपना रौब जमाने की कोशिश करता था।
पुलिस ने उसके कब्जे से एक देसी सिंगल शॉट पिस्टल और एक जिंदा कारतूस बरामद किया है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी की पहचान दिल्ली के रहने वाले मनीष उर्फ मिषु (19) के रूप में हुई। आरोपी कुख्यात नजफगढ़ और सीमावर्ती इलाकों के गैंगस्टरों से प्रभावित था और अपराध की दुनिया में कदम रखने की फिराक में था। पुलिस की ओर से जारी प्रेस नोट में बताया गया कि द्वारका जिले की एंटी ऑटो थेफ्ट स्क्वॉड को अवैध हथियार रखने वाले और उभरते अपराधियों पर नजर रखने का विशेष निर्देश दिया गया था। इसी क्रम में इंस्पेक्टर कमलेश कुमार, प्रभारी एएटीएस द्वारका के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई, जिसमें सब-इंस्पेक्टर जितेंद्र, हेड कांस्टेबल मनीष, सोनू, संदीप और मनोज शामिल थे।
टीम ने एसीपी/ऑप्स द्वारका श्री रविंदर अहलावत की निगरानी में काम किया। टीम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और व्हाट्सएप प्रोफाइल पर विशेष नजर रखनी शुरू की, जहां अपराधी हथियारों के साथ अपनी तस्वीरें पोस्ट कर प्रभाव जमाने की कोशिश करते हैं। इसके साथ ही, गुप्त सूचनातंत्र को भी सक्रिय किया गया। लगातार प्रयासों के बाद 2 जनवरी को गैंगस्टरों से जुड़े लोगों की गतिविधियों की जांच के दौरान एएटीएस टीम को पुख्ता सूचना मिली।
सूचना के आधार पर मनीष उर्फ मिषु को पकड़ा गया, जिसके पास से एक देसी सिंगल राउंड पिस्टल और एक जिंदा कारतूस बरामद हुआ। बरामदगी के आधार पर आरोपी के खिलाफ एफआईआर नंबर 06/26, धारा 25/54/59 आर्म्स एक्ट के तहत थाना बीएचडी नगर, दिल्ली में मामला दर्ज किया गया। पूछताछ के दौरान सामने आया कि आरोपी मनीष झरोदा कलां गांव का स्थायी निवासी है और उसने 10वीं कक्षा तक पढ़ाई की है। इसके बाद उसने पढ़ाई छोड़ दी और नजफगढ़ क्षेत्र के कुख्यात गैंगस्टर ओम प्रकाश उर्फ काला और उसके भाई अमित उर्फ बागे के संपर्क में आया, जो फिलहाल एमसीओसीए मामले में न्यायिक हिरासत में हैं।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने अवैध हथियार खरीदा था और उसे अपने दोस्तों के बीच दिखाकर प्रभाव जमाने की कोशिश करता था। वह हथियार के साथ अपनी तस्वीरें सोशल मीडिया और व्हाट्सएप स्टेटस/डीपी पर भी लगाता था। द्वारका जिला पुलिस ने इस कार्रवाई को अपराध पर अंकुश लगाने की दिशा में बड़ी सफलता बताया है और स्पष्ट किया है कि अवैध हथियार रखने और सोशल मीडिया के जरिए दहशत फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

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