भारत बना दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था
नई दिल्ली { गहरी खोज } : वर्ष 2026 के आगमन से एक दिन पूर्व भारत की अर्थव्यवस्था ने भारी छलांग लगाई है। 4.18 ट्रिलियन डॉलर की जीडीपी के साथ भारत ने जापान को पछाड़ते हुए दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था का दर्जा प्राप्त कर लिया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने वैश्विक आर्थिक मंच पर यह एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की।
वित्त वर्ष 2025-26 की दूसरी तिमाही में भारतीय अर्थव्यवस्था ने 8.2 प्रतिशत की रियल जीडीपी ग्रोथ दर्ज की है। वैश्विक अनिश्चितताओं, भू-राजनीतिक तनावों और महंगाई के दबाव के बावजूद भारत की यह तेज़ वृद्धि दर उसे दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं से अलग पहचान दिलाती है। मजबूत घरेलू मांग, बुनियादी ढांचे में भारी निवेश और विनिर्माण क्षेत्र को मिले प्रोत्साहन ने इस वृद्धि में अहम भूमिका निभाई है।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, भारत की आर्थिक प्रगति का प्रमुख आधार ‘मेक इन इंडिया’, ‘आत्मनिर्भर भारत’ और डिजिटल इंडिया जैसे अभियानों को माना जा रहा है। डिजिटल भुगतान, स्टार्टअप इकोसिस्टम और तकनीकी नवाचारों ने भी अर्थव्यवस्था को नई गति दी है। इसके साथ ही कृषि, सेवा और औद्योगिक क्षेत्रों में संतुलित विकास ने भारत को वैश्विक निवेशकों के लिए आकर्षक गंतव्य बनाया है।
सरकार के दीर्घकालिक अनुमानों के मुताबिक, यदि मौजूदा विकास दर बनी रहती है तो भारत 2030 तक जर्मनी को पछाड़कर दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन सकता है। इसके बाद भारत के 7.3 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की संभावना जताई जा रही है। यह उपलब्धि देश के करोड़ों नागरिकों के जीवन स्तर में सुधार और रोजगार के नए अवसरों का मार्ग प्रशस्त करेगी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस उपलब्धि को 140 करोड़ भारतीयों की मेहनत और सामूहिक संकल्प का परिणाम बताया है।
