ऑपरेशन सिंदूर में आतंकियों को उनके ठिकानों में घुस कर सबक सिखाया: राजनाथ

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लखनऊ { गहरी खोज }: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बुधवार को अयोध्या में राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा की दूसरी वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित ‘प्रतिष्ठा द्वादशी समारोह’ के मौके पर कहा कि यह क्षण राष्ट्र के लिए ऐतिहासिक गौरव और आध्यात्मिक पूर्णता का क्षण है।
उन्होंने भगवान राम की प्रतिमा की स्थापना के महत्व को याद करते हुए कहा कि आज से दो वर्ष पहले, सदियों के इंतजार के बाद, हमारे भगवान श्री राम अपने दिव्य मंदिर में स्थापित हुए थे। अपनी अद्भुत और तेजस्वी प्रतिमा के साथ, वे आज न केवल अयोध्या बल्कि पूरे विश्व को गौरव प्रदान कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अयोध्या का आध्यात्मिक वातावरण लोगों के भगवान राम के साथ गहरे भावनात्मक बंधन को दर्शाता है।
रक्षा मंत्री ने अपने संबोधन में आॅपरेशन सिंदूर का जिक्र करते हुए प्रभु श्रीराम की मयार्दा का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा जिस प्रकार प्रभु श्रीराम ने युद्ध में मयार्दा न छोड़ने की शिक्षा हम सबको दी है, उसी प्रकार हमारी सेना ने भी सीमित, नियंत्रित और उद्देश्यपूर्ण कार्रवाई की।
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ऑपरेशन सिंदूर का उद्देश्य आतंकियों को सबक सिखाना था, हमने उनके ठिकाने में घुस कर सबक सिखाया है। साथ ही उन्होंने बताया कि जिस तरह भगवान राम का दिव्य-भव्य मंदिर अयोध्या धाम में प्रतिष्ठित है, उसी तरह पुनौरा धाम में मां जानकी की जन्मस्थली में भव्य मंदिर का भी निर्माण हो रहा है। अपने संबोधन के समापन पर उन्होंने प्रार्थना की, “जब तक गगन में चंद्र और दिवाकर विद्यमान हैं, तब तक सनातन आस्था की ये धर्म ध्वजा लहराती रहे। प्रभु राम हम सबको कर्तव्य का मार्ग दिखाएं।”

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