पहली जनवरी से सभी भारतीय निर्यात पर टैरिफ खत्म कर देगा ऑस्ट्रेलिया : गोयल
भारत-ऑस्ट्रेलिया व्यापार में नया युग ,ऑस्ट्रेलियाई टैरिफ पर 100 फीसदी ड्यूटी जीरो
नई दिल्ली{ गहरी खोज }: भारत-ऑस्ट्रेलिया आर्थिक सहयोग और व्यापार समझौते (ईसीटीए) के तहत एक जनवरी से ऑस्ट्रेलियाई टैरिफ लाइनों पर 100 फीसदी ड्यूटी जीरो हो जाएगी, जिससे ऑस्ट्रेलिया को भारतीय निर्यात को बड़ा बढ़ावा मिलेगा। इस कदम से भारत के श्रम-गहन क्षेत्र के लिए नए मौके खुलेंगे, क्योंकि दोनों देशों ने द्विपक्षीय व्यापार समझौते की तीसरी सालगिरह मनाई है।
केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने सोमवार को ‘एक्स’ पोस्ट पर लिखा कि पिछले तीन सालों में इस समझौते से लगातार निर्यात वृद्धि, बेहतर बाजार पहुंच और मजबूत सप्लाई-चेन रेजिलिएंस मिली है, जिससे भारतीय निर्यातकों, एमएसएमई, किसानों और मजदूरों सभी को फायदा हुआ है। वाणिज्य मंत्री ने आगे लिखा कि पिछले तीन सालों में इस समझौते ने लगातार निर्यात वृद्धि, बेहतर बाजार पहुंच और मजबूत सप्लाई-चेन लचीलापन दिया है, जिससे भारतीय निर्यातकों, एमएसएमई, किसानों और मजदूरों सभी को फायदा हुआ है।
उन्होंने बताया कि अप्रैल-नवंबर 2025 में रत्न और आभूषण का निर्यात 16 फीसदी बढ़ा। आॅर्गेनिक प्रोडक्ट्स पर आपसी मान्यता समझौता (एमआरए) पर हस्ताक्षर किए गए, जिससे निर्बाध व्यापार संभव हुआ और निर्यातकों के लिए अनुपालन लागत कम हुई। गोयल ने कहा के जैसे-जैसे व्यापक आर्थिक सहयोग समझौते (सीईसीए) की बातचीत आगे बढ़ रही है, भारत-ऑस्ट्रेलिया ईसीटीए मेक इन इंडिया और विकसित भारत 2047 के विजन के साथ मिलकर इंडो-पैसिफिक में भारत की आर्थिक भागीदारी को मजबूत कर रहा है। इसके साथ मिलकर भारत और ऑस्ट्रेलिया साझा समृद्धि और भरोसेमंद व्यापार का भविष्य बना रहे हैं।
पीयूष गोयल न कहा कि कॉम्प्रिहेंसिव इकोनॉमिक कॉरपोरेशन एग्रीमेंट (सीईसीए) के लिए कई देशों के साथ भारत बातचीत कर रहा है। भारत-ऑस्ट्रेलिया व्यापार समझौते से इंडो-पैसिफिक में देश की आर्थिक भागीदारी बढ़ रही है और यह मेक इन इंडिया और विकसित भारत 2047 के विजन के अनुरूप है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि हम एक ऐसी साझेदारी का जश्न मना रहे हैं, जिसने इरादों को अवसर में बदला है।
गोयल ने कहा, समझौते से तीन वर्षों में निर्यात बढ़ा, बाजार पहुंच सुधरी, सप्लाई-चेन मजबूत हुई और सभी वर्गों को लाभ मिलागोयल के अनुसार, पिछले तीन सालों में इस समझौते से लगातार एक्सपोर्ट ग्रोथ, बेहतर मार्केट एक्सेस और मजबूत सप्लाई-चेन मिली है, जिससे भारतीय निर्यातकों, एमएसएमई, किसानों और मजदूरों सभी को फायदा हुआ है।
वित्त वर्ष 2024-25 में ऑस्ट्रेलिया को भारत का निर्यात 8 प्रतिशत बढ़ा, जिससे भारत का व्यापार संतुलन बेहतर हुआ। मैन्युफैक्चरिंग, केमिकल्स, टेक्सटाइल्स, प्लास्टिक, फार्मास्यूटिकल्स, पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स और रत्न और आभूषण जैसे क्षेत्रों में अच्छी बढ़ोतरी देखी गई। कृषि निर्यात में बड़े पैमाने पर बढ़ोतरी दर्ज की गई, जिसमें फल और सब्जियों, समुद्री उत्पादों, मसालों में अच्छी वृद्धि हुई और कॉफी के निर्यात में बड़ी बढ़त दर्ज की गई।
