लाल किला ब्लास्ट मामला: दिल्ली कोर्ट ने सात आरोपियों की न्यायिक हिरासत 8 जनवरी तक बढ़ाई
नई दिल्ली { गहरी खोज }: दिल्ली की एक अदालत ने बुधवार को लाल किला विस्फोट मामले में सात आरोपियों की न्यायिक हिरासत 15 दिनों के लिए बढ़ाते हुए उन्हें 8 जनवरी तक जेल में भेज दिया। आरोपी — डॉ. आदिल राथर, डॉ. मुज़म्मिल गनई, डॉ. शाहीन सईद, मौलवी इरफान अहमद वागे, जासिर बिलाल वानी, आमिर राशिद अली और सोयाब — को कड़ी सुरक्षा के बीच पटियाला हाउस कोर्ट में अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश प्रशांत शर्मा के समक्ष पेश किया गया। सुनवाई के दौरान मीडिया को अदालत की कार्यवाही कवर करने की अनुमति नहीं दी गई।
इससे पहले, तीन डॉक्टरों और वागे को 12 दिसंबर को 12 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजा गया था, जबकि अली और वानी को 10 दिसंबर को 14 दिनों की हिरासत मिली थी। सोयाब को 19 दिसंबर को पांच दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजा गया था।
पीटीआई ने पहले रिपोर्ट किया था कि इस विस्फोट के पीछे एक अत्याधुनिक आतंकी मॉड्यूल सक्रिय था, जिसकी कथित अगुवाई डॉक्टरों के एक समूह ने की थी। यह मॉड्यूल पिछले वर्ष से एक आत्मघाती हमलावर की तलाश में था, जिसमें उमर-उन-नबी को मुख्य साजिशकर्ता बताया गया है। 10 नवंबर को लाल किला के बाहर विस्फोटक से लदी हुंडई आई-20 कार चलाने वाला व्यक्ति भी उमर-उन-नबी ही था।
आमिर राशिद अली को 16 नवंबर को गिरफ्तार किया गया था, जिस पर वाहन-बम में इस्तेमाल की गई कार की खरीद में मदद करने का आरोप है। जासिर बिलाल वानी को एक दिन बाद गिरफ्तार किया गया, जिस पर ड्रोन में तकनीकी बदलाव करने और विस्फोट से पहले रॉकेट बनाने की कोशिशों में शामिल होने का आरोप है। अधिकारियों के अनुसार, वानी ने कबूल किया कि वह पिछले वर्ष अक्टूबर में कश्मीर के कुलगाम स्थित एक मस्जिद में “डॉक्टर मॉड्यूल” से मिला था।
सोयाब को 26 नवंबर को उमर-उन-नबी को लॉजिस्टिक सहायता देने के आरोप में गिरफ्तार किया गया। 9 दिसंबर को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने दिल्ली से डॉ. नसीर बिलाल मल्ला को गिरफ्तार किया, जिसे मामले का अहम साजिशकर्ता बताया गया है। एनआईए के अनुसार, मल्ला ने उमर-उन-नबी को शरण दी, लॉजिस्टिक मदद की और हमले से जुड़े सबूत नष्ट किए। जांच एजेंसी ने 18 दिसंबर को नौवें आरोपी यासिर अहमद डार को भी गिरफ्तार किया। जम्मू-कश्मीर निवासी डार, उमर-उन-नबी का करीबी सहयोगी बताया गया है और उस पर साजिश में सक्रिय भूमिका निभाने तथा आत्मघाती अभियान को अंजाम देने की शपथ लेने का आरोप है।
