बसपा अकेले लड़ेगी बिहार विधानसभा चुनाव, मायावती ने आकाश काे साैंपी बड़ी जिम्मेदारी

लखनऊ { गहरी खोज }: बिहार में इसी साल होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर राजनैतिक दल तैयारियाें में लगे हैं। बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने बिहार विधानसभा चुनाव अकेले लड़ने का ऐलान कर दिया है। उन्हाेंने साफ कहा है कि बसपा किसी भी पार्टी से गठबंधन किए बगैर अकेले दम पर बिहार के चुनाव लड़ेगी। बसपा प्रमुख मायावती ने विधानसभा चुनाव में यात्रा और कार्यक्रम की जिम्मेदारी भतीजे व पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक आकाश आनंद, केन्द्रीय कोआर्डिनेटर व राज्यसभा सांसद रामजी गौतम और बिहार स्टेट यूनिट को साैंपी है।
बसपा प्रमुख मायावती ने रविवार को एक्स पर एक पोस्ट कर लिखा कि बिहार विधानसभा के लिए जल्द अगले कुछ महीनों में ही आम चुनाव होने वाले हैं। इस चुनाव में बसपा ने उम्मीदवारों के चयन सहित पार्टी के हर स्तर की तैयारियों को लेकर वरिष्ठ पदाधिकारियों के साथ पिछले दो दिनों की बैठक कर गहन चर्चा की गई। इस दौरान पार्टी पदाधिकारियों ने अकेले अपने बल पर चुनाव लड़ने के फैसले के मद्देनजर आने वाले दिनों में पार्टी के विभिन्न कार्यक्रमों की रूपरेखा को भी अन्तिम रूप दिया है।
राष्ट्रीय अध्यक्ष ने बैठक में पार्टी पदाधिकारियों को पूरी मुस्तैदी व तन, मन, धन से आगे बढ़ने का निर्देश देते हुये अगले महीने के प्रारंभ से शुरू होने वाले पार्टी की यात्रा व जनसभा आदि कार्यक्रमों के सम्बंध में विशेष जिम्मेदारी भी सौंपी है। सभी कार्यक्रम उनके दिशा निर्देशन में होंगे और इसकी विशेष जिम्मेदारी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक आकाश आनन्द व केन्द्रीय कोआर्डिनेटर व राज्यसभा सांसद रामजी गौतम एवं बसपा बिहार स्टेट यूनिट को साैंपी गयी है। बसपा प्रमुख ने कहा कि बिहार एक बड़ा राज्य है। इसीलिए वहां की जरूरतों को देखते हुए राज्य की सभी विधानसभा सीटों को तीन जोन में बांटकर पार्टी के वरिष्ठ लोगों को अलग-अलग से उसकी जिम्मेदारी सौंपने का फैसला भी बैठक में लिया गया है। बिहार में पार्टी की अपनी तैयारी के साथ-साथ वहां राज्य के तेजी से बदलते हुए राजनीतिक हालात एवं चुनावी समीकरण आदि को देखते हुए बसपा के चुनाव में बेहतर रिजल्ट आने की संभावना है।
उल्लेखनीय है कि इससे पहले उड़ीसा और तेलंगाना राज्य में भी पार्टी संगठन की तैयारियों व वहां भी यूपी के पैटर्न पर जिला से लेकर पोलिंग बूथ स्तर तक कमेटियों के गठन के साथ-साथ पार्टी के जनाधार को बढ़ाने के मिशनरी कार्यों के लिये दिये गये टारगेट की भी समीक्षा बैठक पार्टी प्रमुख ने स्वयं अलग-अलग से ली थी।