पड़ोसी की छत पर लगा मोबाइल टावर कर रहा नुकसान? ऐसे करें शिकायत

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Mobile (slideshow)

नई दिल्ली { गहरी खोज }: अच्छे मोबाइल नेटवर्क के लिए कंपनियां जगह-जगह पर अपने टावर लगाती हैं। पहले ये मोबाइल टावर रिहायशी इलाकों से दूर लगाए जाते थे, लेकिन अब आपने देखा होगा कि रिहायशी इलाकों में टावर लगे होते हैं। कहा जाता है क‍ि बहुत से लोग किराया पाने के लिए अपने घर की छत पर भी टावर लगवाते हैं। क्या आपको पता है कि आपका पड़ोसी पैसे कमाने के चक्कर में आपकी जिंदगी से खिलवाड़ कर रहा है। ये टावर कई तरह के रेडिएशन फैलाते हैं, जो आपके स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है। यही कारण है कि इन्हें रिहायशी इलाकों से दूर रखा जाता है। अगर आप यह जांच करवाना चाहते हैं कि आपके पड़ोसी की छत पर लगा टावर कितना रेडिएशन फैला रहा है तो आपको कहीं जाने की जरूरत नहीं है। आप घर बैठे ही इसके लिए रिक्वेस्ट कर सकते हैं। आइये, रिक्वेस्ट देने पूरा तरीका नीचे जानते हैं।
तमाम र‍िपोर्टों के अनुसार, मोबाइल टावर से रेडियो फ्रिक्वेंसी तरंगें निकलती हैं। लंबे समय तक मोबाइल टावर से निकलने वाले रेडिएशन के संपर्क में आने से लोगों में कई स्‍वास्‍थ्‍य संबधी बीमारियां दिखने लगती हैं। लोगों को सिरदर्द होना, थकान होना, नींद की गड़बड़ी जैसी समस्या आ सकती है। अगर आप जानना चाहते हैं कि आपके घर के पास लगा टावर कितना रेडिएशन फैला रहा है तो इसके लिए सरकार से उसका EMF Measurement करा सकते हैं।
ईएमएफ (विद्युत चुम्बकीय क्षेत्र) मापन, खास सेंसर या मीटर का इस्तेमाल करके किसी दिए गए क्षेत्र में विद्युत चुम्बकीय क्षेत्र की पावर और विशेषताओं को मापने का प्रोसेस है। इसका यूज अक्सर विद्युत उपकरणों, बिजली लाइनों या दूरसंचार उपकरणों से होने वाले रेडिएशन की जांच करने के लिए किया जाता है। EMF मेजरमेंट से स्वास्थ्य जोखिमों और सेफ्टी स्टैंडर्ड के अनुपालन को वेरिफाई करने के लिए किए जाता है।
भारत सरकार के संचार मंत्रालय के Tarang Sanchar पोर्टल पर जाकर EMF Measurement के लिए रिक्वेस्ट डाल सकते हैं। इसके लिए आपको बस कुछ जानकारी भरनी होगी और फिर संबंध‍ित विभाग की तरफ से लोग आकर जांच करेंगे। अगर रेडिएशन पाया गया तो सरकार अपनी ओर से जरूरत के अनुसार एक्शन भी ले सकती है। यह सरकारी पोर्टल आपको अपने फोन से या फिर लैपटॉप से रिक्वेस्ट सबमिट करने की सुविधा देता है।

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