4.4 प्रतिशत राजकोषीय घाटे के लक्ष्य को हासिल करने की राह पर: डीईए सचिव

नयी दिल्ली{ गहरी खोज }: आर्थिक मामलों की सचिव अनुराधा ठाकुर ने शनिवार को कहा कि सरकार बजट में निर्धारित राजकोषीय घाटे के लक्ष्य को हासिल करने की राह पर है। उन्होंने चालू वित्त वर्ष 2025-26 के लिए सरकार के 4.4 प्रतिशत के महत्वाकांक्षी राजकोषीय घाटे के लक्ष्य को हासिल न कर पाने की आशंकाओं को दूर किया।
आर्थिक मामलों के विभाग (डीईए) की सचिव का यह बयान इस नजरिये से महत्वपूर्ण है, क्योंकि केंद्र का राजकोषीय घाटा जुलाई के अंत में पूरे वर्ष के लक्ष्य के 29.9 प्रतिशत तक बढ़ गया। पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि में यह बजट अनुमान (बीई) का केवल 17.2 प्रतिशत था।
उन्होंने कहा, ”यह सवाल (लक्ष्य हासिल करने का) ताजा आंकड़ों के कारण उठ रहा है। मैं कहना चाहूंगी कि तिमाही आधार या मासिक आधार पर राजकोषीय घाटे के आंकड़ों का आकलन समय के अंतर के कारण सही तस्वीर नहीं दे सकता है।”
उन्होंने पीटीआई-भाषा को दिए एक साक्षात्कार में कहा, ”कुल राजकोषीय घाटे के आंकड़ों के आधार पर, हमारा अब तक का आकलन यही है कि हम लक्ष्य हासिल कर लेंगे।” केंद्र का अनुमान है कि 2025-26 के दौरान राजकोषीय घाटा सकल घरेलू उत्पाद का 4.4 प्रतिशत या 15.69 लाख करोड़ रुपये रहेगा। ठाकुर ने जोर देकर कहा कि अर्थव्यवस्था की बुनियाद मजबूत बनी हुई है, यहां तक कि कल आए निजी उपभोग के आंकड़े भी सकारात्मक रुख दिखा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि सकल पूंजी निर्माण के आंकड़ों से यह भी पता चला है कि सार्वजनिक और निजी दोनों पूंजीगत व्यय मजबूत हैं और उम्मीद है कि आने वाली तिमाहियों में भी ये स्थिर रहेंगे। उन्होंने कहा, ”सरकारी पूंजीगत व्यय अब तक हमारे आंकड़ों को मजबूत बनाए रखने में एक बड़ा कारक रहा है और न केवल राजकोषीय घाटे के मामले में, बल्कि वृद्धि के आंकड़े भी अभी तक मजबूत बने हुए हैं।”