पन्ना में मिला 4.90 कैरेट का नायाब हीरा, कीमत 10 लाख और नीलामी में लगेगी बोली

पन्ना { गहरी खोज }: हीरों की नगरी पन्ना एक बार फिर चर्चा में है। शुक्रवार को 4 किसान हीरा कार्यालय पहुंचे। उनके चेहरे हीरे की तरह चमक रहे थे क्योंकि उन्हें अपने खेत में नायाब और बेशकीमती हीरा मिला था। जिसकी कीमत लाखों में आंकी गई। सभी किसान अब अपने-अपने सपने को पूरा करने की प्लानिंग बना रहे हैं। बता दें कि 4 किसानों ने अपने खेत में हीरा खोदने की अनुमति ली थी।
दरअसल, ग्राम जरुआपुर में 4 पार्टनर दिलीप मिस्त्री, अभिलाष कुल्लू, प्रकाश मजूमदार और किशोर सरदार ने मिलकर हीरे की एक खदान ली थी। इस खदान में वे 4 महीने से लगातार हीरे खोज रहे थे। शुक्रवार को खुदाई के दौरान उन्हें एक बेशकीमती हीरा दिखा। हीरा देख किसानों के चेहरे खिल उठे। उनके चेहरे पर एक चमक दिखाई दे रही थी। वे उसे जमा कराने तत्काल हीरा कार्यालय पहुंचे।
सभी किसान, पन्ना के हीरा कार्यालय पहुंचे। जहां, बताया गया कि यह हीरा अच्छी क्वालिटी का है और साफ और चमकदार दिखाई दे रहा है। बताया गया कि इस हीरे को जेम्स क्वालिटी का हीरा कहा जाता है। दिलीप मिस्त्री ने अपने नाम से डायमंड को हीरा कार्यालय में जमा कराया। जब उसे चेक किया गया तो हीरा करीब 4.90 कैरेट का निकला। जिसकी अनुमानित कीमत करीब 10 लाख रुपए बताई जा रही है।
बेशकीमती हीरा मिलने के बाद किसानों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। अभिलाष कुल्लू बताते हैं कि “दिलीप मिस्त्री और प्रकाश मजूमदार को पहले भी कई हीरे मिल चुके हैं। लेकिन मैं पहली बार हीरे के खदान में पार्टनर बना था और यह पहली बार है जब मुझे हीरा मिला है। इससे मुझे बहुत ज्यादा खुशी है। इस हीरे से जो भी पैसे मुझे मिलेंगे उससे मैं और हीरे की खदान लगाएंगे।” वहीं, दूसरे खदान के पार्टनर्स ने कहा कि वे अपने बिजनेस को बड़ा करेंगे और खेत-खलिहान में भी इस पैसे को लगाएंगे।
प्रकाश मजूमदार बताते हैं कि “इस खदान में पहले भी कई हीरे मिले हैं, जिसे हीरा कार्यालय में जमा किया गया है। शुक्रवार को भी एक अच्छी क्वालिटी का हीरा मिला है। इससे बहुत खुशी हो रही है। इसे आगामी नीलामी में बिक्री के लिए रखा जाएगा। इसकी जो भी धनराशि मिलेगी, सभी पार्टनर बराबर बराबर बांट लेंगे और अपने-अपने काम धंधे में लगाएंगे।” बेशकीमती हीरे ने इन किसानों के किस्मत खोल दी है। आगामी नीलामी में हीरे की बिक्री जाएगी। जिसके बाद किसानों को इसके पैसे दिए जाएंगे और किसान अपने मन में सजाए सभी सपने पूरे कर सकेंगे।