समितियाँ सरकार के साथ मिलकर कार्य करें तो शासन में पारदर्शिता बढ़ेगी : बिरला

भुवनेश्वर{ गहरी खोज } : लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने आज यहां कहा कि समितियाँ सरकार के साथ मिलकर कार्य करें तो शासन में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी, जिससे समाज को सशक्त बनाने का लक्ष्य पूरा होगा।
श्री बिरला ने यहां संसद एवं राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों की विधानसभाओं की अनुसूचित जाति एवं जनजाति कल्याण समितियों के राष्ट्रीय सम्मेलन का समापन सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि समितियों का उद्देश्य सरकार की आलोचना करना नहीं, बल्कि योजनाओं को और अधिक जनकेंद्रित बनाने के लिए रचनात्मक सुझाव देना है।समितियाँ सरकार के साथ मिलकर कार्य करें तो शासन में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी, जिससे समाज को सशक्त बनाने का लक्ष्य पूरा होगा।
उन्होंने कहा कि अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति (एससी /एसटी) समुदाय को संवैधानिक अधिकारों और सरकारी योजनाओं का पूरा लाभ मिलना चाहिए। इसके लिए समितियों को बजट के प्रभावी उपयोग और योजनाओं में आवश्यक बदलाव पर गंभीरता से समीक्षा करनी होगी।
अध्यक्ष ने बताया कि हमारे एससी /एसटी युवा आज शिक्षा, व्यवसाय, स्टार्टअप और नवाचार के क्षेत्र में नई ऊँचाइयाँ हासिल कर रहे हैं। यही युवा वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण में मजबूत स्तंभ बनेंगे।
उन्होंने अपील की कि ऐसे आयोजन तभी सार्थक होंगे जब जिन राज्यों में अभी तक इस प्रकार की समितियाँ गठित नहीं हुई हैं, वहाँ भी इनका शीघ्र गठन हो, ताकि वंचित वर्ग का समग्र विकास सुनिश्चित हो सके।