रेत से भरा ट्रक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे कच्चे मकान में घुसा, बच्ची समेत पति-पत्नी की मौत

झाबुआ{ गहरी खोज }: मध्य प्रदेश के झाबुआ जिले में शनिवार तड़के एक भीषण हादसा हाे गया। यहां कालीदेवी थाना क्षेत्र के ग्राम फतीपुरा के समीप चोरण माता घाट उतरते वक्त रेत से भरा एक ट्रक अनियंत्रित हाेकर सड़क किनारे बने कच्चे मकान के ऊपर जाकर पलटा गया। हादसे में 3 लोगों के दबने से मौके पर ही मौत हो गई। मृतकाें में एक बच्ची और दंपत्ति शामिल है। सूचना मिलते ही प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंचा। शवाें काे पोस्टमार्टम के लिए रामा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया है। ट्रक को निकालने की कवायद की जा रही है। कलेक्टर नेहा मीना ने एसडीएम भास्कर गाचले से पूरा फीड बैक लेने के साथ पीड़ित परिवार की हर संभव सहायता के निर्देश दिए हैं। बता दें, महीने भर पहले अवैध रेत परिवहन कर रहे एक ट्रक ने कलेक्टर नेहा मीना की सरकारी गाड़ी को भी टक्कर मारी थी।
जानकारी के अनुसार हादसा शनिवार तड़के करीब साढ़े चार बजे हुआ। झाबुआ पुलिस अधीक्षक रघुवीर सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि रेत परिवहन कर रहा ट्रक छोटा उदयपुर से राजगढ़ होते हुए कल्याणपुरा जा रहा था। इस बीच रास्ते में झिरी गांव होते हुए जब यह फतीपुरा की घाटी से उतर रहा था, इसी दौरान ड्राइवर कंट्रोल खो बैठा और ट्रक सड़क किनारे बने कच्चे मकान में जा घुसा, जिसमें पूरा परिवार दब गया। हादसे में घर के अंदर सो रहे देसिंग पुत्र नूरा मेड़ा (27), उनकी पत्नी रमिला (25) और बेटी आरोही (6) की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद ड्राइवर फरार हो गया। तीन घंटे की मशक्कत के बाद तीनों शव निकाले जा सके। घटना का पता उस वक्त चला जब गांव के कुछ लोग वहां से निकल रहे थे। उन्होंने फौरन बाकी गांववालों को भी हादसे की जानकारी दी। पुलिस को सूचना देने के बाद उन्होंने खुद रेस्क्यू शुरू किया। करीब आधे घंटे बाद पुलिस की टीम भी पहुंच गई। तीनों शवों को निकालकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है। ट्रक को मौके से हटाने के लिए पोकलेन मशीन मंगवाई गई। जमीन दलदली थी, इसलिए ट्रक को हटाने में पोकलेन को भी समय लगा।
घटना के बाद इलाके में शोक और आक्राेश का माहौल है। ग्रामीणों ने कहा कि रातभर अवैध रेत ढोने वाले ट्रक और ट्राले तेज रफ्तार में चलते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि बार-बार शिकायत के बावजूद अवैध रेत परिवहन पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। ग्रामीणों ने अवैध रेत परिवहन पर तत्काल रोक लगाने, ओवरलोड ट्रकों पर सख्त कार्रवाई करने, जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने और मृतकों के परिजन को उचित मुआवजा देने की मांग की है। दरअसल इन दिनों खनिज विभाग द्वारा अवैध रेत परिवहन के विरुद्ध लगातार कार्रवाई की जा रही है। ऐसे में रेत माफियाओं ने अंदरुनी ग्रामीण रास्तों से अपने वाहन निकालना शुरू कर दिए हैं।
इधर हादसे की जानकारी लगने पर मंत्री निर्मला भूरिया ने मृतक के वैध वारिस को 1 लाख 20 हजार (प्रत्येक मृतक के मान से 40-40 हजार) रुपए आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। साथ ही कलेक्टर नेहा मीना से चर्चा कर पीड़ित परिवार को शासन की योजना अनुसार लाभ देने को कहा। ग़ौरतलब है कि मृतक परिवार मंत्री निर्मला भूरिया के ग्रह क्षेत्र रामा विकासखंड का रहने वाला है। चूंकि वे भोपाल है, इसलिए उन्होंने मुख्यमंत्री से भी मृतक परिवार को आर्थिक सहायता प्रदान करने के लिए चर्चा की है। मंत्री भूरिया ने बताया कि, मृतक परिवार के प्रति मेरी पूरी संवेदनाएं हैं। मैं पीड़ित परिवार के साथ खड़ी हूं।