दिल्ली सरकार 170 करोड़ से 15 आईटीआई का करेगी आधुनिकीकरण : सिरसा

नई दिल्ली{ गहरी खोज }: दिल्ली सरकार ने आज 170 करोड़ रुपये की एक महत्वाकांक्षी योजना की घोषणा की, जिसके तहत 15 सरकारी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) को अत्याधुनिक तकनीक से लैस सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में बदला जाएगा। यह पहल भारत सरकार की 60,000 करोड़ रुपये की राष्ट्रीय आईटीआई अपग्रेडेशन योजना से जुड़ी है।
दिल्ली के उद्योग मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने गुरुवार को चंडीगढ़ में कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय द्वारा आयोजित राज्यों के कौशल विकास मंत्रियों के क्षेत्रीय सम्मेलन के दौरान यह बात कही। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का ‘स्किल, स्केल, स्पीड और सम्मान’ का विजन हमारा मार्गदर्शक है। दिल्ली के अपग्रेडेड आईटीआई हमारे युवाओं को 21वीं सदी की क्षमताओं से लैस करेंगे ताकि वे केवल नौकरी खोजने वाले नहीं बल्कि नौकरी देने वाले बनें। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के प्रभावी नेतृत्व में हम वर्ल्ड-क्लास इन्फ्रास्ट्रक्चर को ‘सेम-डे अप्रूवल’ और डिजिटल ट्रांसपेरेंसी के साथ जोड़ रहे हैं।
मत्री सिरसा ने बताया कि डिपार्टमेंट ऑफ ट्रेनिंग एंड टेक्निकल एजुकेशन (डीटीटीई), जिसकी जिम्मेदारी हमारे मंत्री उच्च शिक्षा, प्रशिक्षण एवं तकनीकी शिक्षा आशीष सूद संभाल रहे हैं, को इस योजना का नोडल एजेंसी बनाया गया है। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों ने जानबूझकर केंद्र की कल्याणकारी योजनाओं को रोका, जिसके कारण दिल्ली की जनता ने उन्हें सत्ता से बाहर किया और मोदी मॉडल ऑफ गवर्नेंस पर भरोसा जताया। उन्होंने कहा कि ईवी, एआई, रोबोटिक्स और ग्रीन एनर्जी मॉड्यूल्स को आईटीआई के पाठ्यक्रम में शामिल करके हम अपने युवाओं को भविष्य के लिए तैयार कर रहे हैं और दिल्ली तथा भारत को फ्यूचर-रेडी बनाने का लॉन्चपैड तैयार कर रहे हैं।
हब-एंड-स्पोक मॉडल के तहत आईटीआई पूसा (सेंट्रल दिल्ली), आईटीआई शाहदरा (ईस्ट दिल्ली) और आईटीआई मंगोलपुरी (नॉर्थ-वेस्ट दिल्ली) हब संस्थान के रूप में कार्य करेंगे और प्रत्येक चार संस्था तक स्पोक आईटीआई को इंफ्रास्ट्रक्चर, फैकल्टी विकास और इंडस्ट्री लिंक से मार्गदर्शन देंगे। स्पेशल पर्पज व्हीकल्स में केंद्र, दिल्ली सरकार और इंडस्ट्री पार्टनर्स का योगदान होगा और फंड रिलीज पारदर्शी व माइलस्टोन आधारित होगी। स्मार्ट क्लासरूम, सिमुलेशन लैब और ब्लेंडेड-लर्निंग कंटेंट को लागू किया जाएगा, साथ ही अनिवार्य इंटर्नशिप और अप्रेंटिसशिप-इनेबल्ड डिप्लोमा पाथवे भी होंगे। आईटीआई ट्रांसफॉर्मेशन के साथ-साथ दिल्ली सरकार धीरपुर, मयूर विहार और पूसा में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का एक इकोसिस्टम बना रही है, जहां छात्रों को इंडस्ट्रियल ऑटोमेशन, रोबोटिक्स और एडवांस्ड वेल्डिंग में प्रशिक्षण दिया जा रहा है। पीएम विश्वकर्मा योजना के तहत 1,300 से अधिक कारीगर पहले ही प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके हैं, जबकि जहांगीरपुरी के जन शिक्षण संस्थान जैसे कार्यक्रमों से 1,000 से अधिक महिलाओं को उनके दरवाजे पर ही प्रशिक्षण मिला है।
दिल्ली का मॉडल करियर सेंटर (पूसा) पहले ही 7,000 से अधिक युवाओं का पंजीकरण कर चुका है, जिनमें से 2,122 को पीवीआर, जेबीएम, टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स, लेमन ट्री होटल्स और एलएंडटी कंस्ट्रक्शन जैसी ख्याति प्राप्त कंपनियों में नौकरी मिल चुकी है। सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए मंत्री सिरसा ने कहा कि दिल्ली का स्किल रोडमैप 2.0 एक ओपन-सोर्स ब्लूप्रिंट है। जिससे युवाओं को सशक्त बनाया सकता है। स्कूल पाठ्यक्रम में स्किल क्रेडिट जोड़ने से लेकर हर हब आईटीआई में इनक्यूबेशन और सीड-फंड सेल स्थापित करने तक है।