मच्छरों से होने वाली बीमारियों के खिलाफ एमसीडी चला रहा सघन अभियान : सत्या शर्मा

नई दिल्ली{ गहरी खोज }: दिल्ली नगर निगम में स्थायी समिति की अध्यक्ष सत्या शर्मा ने बुधवार को मच्छर जनित बीमारियों की रोकथाम के सभी जोनों में वार्ड स्तर पर विशेष अभियान और जन-जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया। उन्होंने कहा कि मच्छर जनित बीमारियों की रोकथाम हेतु एमसीडी का सघन अभियान चल रहा है।
सत्या शर्मा ने बताया कि मच्छर जनित बीमारियों की रोकथाम के लिए दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) सभी जोन में व्यापक स्तर पर कार्रवाई कर रही है। निगम का जन स्वास्थ्य विभाग मलेरिया इंस्पेक्टर, डोमेस्टिक ब्रीडिंग चेकर (डीबीसी) वर्कर, फील्ड स्टाफ और अधिकारियों के माध्यम से जमीनी स्तर पर अभियान को और तेज कर दिया है। उन्होंने बताया कि लगभग तीन हजार डीबीसी वर्कर और दो हजार फील्ड वर्कर मिशन मोड में सभी जोनों में मच्छर प्रजनन की जांच एवं नष्ट करने का कार्य कर रहे हैं।
शर्मा ने बताया कि बीमारियों की रोकथाम के लिए प्रत्येक वार्ड में 4 से 6 हैंड फॉगिंग मशीनें उपलब्ध कराई गई हैं ताकि शीघ्र और प्रभावी छिड़काव हो सके। उन्होंने कहा कि मुख्यालय स्तर पर एक विशेष निरीक्षण टीम का गठन किया गया है। जो सभी जोनों में मच्छर रोधी उपायों की प्रगति की निगरानी और समीक्षा करेगी।
स्थायी समिति की अध्यक्ष ने बताया कि सभी जोनों में नियमित रूप से एंटी-लार्वा उपाय किए जा रहे हैं। इस वर्ष अब तक 26759779 घरों का निरीक्षण किया गया, जिनमें से 137043 घरों में मच्छर प्रजनन पाया गया। उन्होंने बताया कि अब तक 879364 घरों में कीटनाशक का छिड़काव किया गया है और यह संख्या आगे और बढ़ेगी।
शर्मा ने बताया कि एमसीडी ने दिल्ली नगर निगम अधिनियम के मलेरिया उपनियमों के तहत मच्छर प्रजनन रोकने के लिए कानूनी कार्रवाई भी कर रहा हैं। अब तक 98976 कानूनी नोटिस जारी किए गए हैं और 18,795 मामलों में अभियोजन किया गया है।
उन्होंने बताया कि मच्छर प्रजनन की रोकथाम और नियंत्रण के लिए एमसीडी प्रमुख हितधारकों जैसे दिल्ली जल बोर्ड, सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग, लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी), केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (सीपीडब्ल्यूडी), डीटीसी, रेलवे, बागवानी विभाग, डीएमआरसी, डीडीए, एएसआई, पुलिस, शिक्षा विभाग तथा दिल्ली स्थित अन्य सरकारी कार्यालयों के साथ समन्वय कर रहा है, ताकि उनकी इमारतों और परिसरों में मच्छरों का प्रजनन रोका जा सके।