निकायों को बेहतर और संसाधन संपन्न बनाया जाना प्राथमिकता: अनुनय झा

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हरदोई{ गहरी खोज }: नगर निकायों की ही स्थिति से जिले की छवि बनती-बिगड़ती है। निकायों में साफ-सफाई और सुविधा और सहूलियत बेहतर होने से लोगों को भी आसानी रहती है। शहर साफ-सुथरे दिखते ही नहीं है, बीमारियों पर भी विराम लगता है। जिलाधिकारी अनुनय झा ने बताया कि निकायों को बेहतर और संसाधन संपन्न बनाया जाना उनकी प्राथमिकता है। सभी 13 निकायों के अधिशासी अधिकारियों से जरूरत के संसाधन, वाहन और लोगों की सुविधा-सहूयिलत से जुड़ जलापूर्ति आदि के कामों की कार्य योजना मांगी गई है।
उन्होंने बताया कि काम पड़ने पर अब निकाय के जिम्मेदार संसाधनों का रोना नहीं रो पाएंगे। करीब 35 करोड़ रुपये से जिले के निकायों को संसाधन संपन्न बनाया जाएगा। इसके लिए जरूरत के उपकरण, वाहनों की खरीदारी के साथ ही जलापूर्ति, पाइपलाइन और नलकूपों की स्थापना कराई जाएगी। निकाय के जिम्मेदारों को संसाधनों की आवश्यकता और प्राथमिकता के कामों की सूची तैयार कराने की जिम्मेदारी दी गई है।
निकायों में जरूरत पड़ने पर संसाधनों की कमी आड़े आ जाती है। इससे चंद मिनट में होने वाला काम घंटों में भी नहीं हो पाता है। प्रशासन ने निकायों को संसाधन संपन्न बनाने की रणनीति बनाई है। निकायों में जलभराव, साफ-सफाई, जलापूर्ति आदि की समस्या के समाधान के लिए जरूरी उपकरणों की खरीदारी कराई जाएगी। प्रशासन ने यह खरीदारी और काम कराने के लिए 15वें वित्त आयोग के टाइड फंड मंद में मिले रुपये से कार्ययोजना तलब की है।
डीएम ने बताया कि 15वें वित्त आयोग के टाइड फंड की मद से सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट, जलापूर्ति, विभिन्न प्रकार के उपकरणों और वाहनों की खरीदारी, मिनी जेसीबी, इलेक्ट्रिक उपकरण की खरीदारी और नलकूपों की स्थापना प्राथमिकता पर कराए जाने की व्यवस्था दी गई है। सभी निकायों के अधिशासी अधिकारियों से कार्ययोजना तलब की गई है।
नगर निकायों में नाला-नालियों का आपस में जुड़ाव न होने से पानी निकासी की समस्या होती है। अधिशासी अधिकारियों को ऐसे नाला-नालियों को चिन्हित कराते हुए उनको आपस में जोड़ने के लिए भी कार्ययोजना और एस्टीमेट तैयार कराने की जिम्मेदारी दी गई है। इससे बरसात के समय ही नहीं घरों और सार्वजनिक स्थानों से निकलने वाले पानी की सुचारू निकासी होती रहे।

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